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Sunday, 8 May 2011

MA TUJHE SALAM

बादल जोर से गरजे ,बिजली चमकी ,नन्हा बच्चा अपनी माँ की गोद मै  छिप गया !
उस नादाँ को नहीं मालूम की बिजली गिर भी जाएगी तो माँ भला कैसे रोक पायेगी
परन्तु माँ की गोद उसे निडर बना देती है !और बच्चा सारे संसार मै खुद को माँ की
गोद मै सुरक्षित महसूस करता है !नन्हे नन्हे चिड़िया के बच्चे भी अस्थिर घोसले मै माँ
के पंखो के नीचे छुपके आंधी पानी की चिंता से खुद को निरापद अनुभव करते है !

   माँ शब्द का अर्थ है माँ प्रकति है ,माँ सक्ती है ,माँ करुणा है ,माँ ही ममता है हम बुद्धिवादी संस्कर्ति मै पलते
और बदते लोग माँ की इस असीमित स्हनेह छाया से खुद को वंचित करते जा रहे है ! दूसरे शब्दों मै हम प्रकति  से अलग होते जा रहे है ! प्रक्रति हमारी मार्ग दर्शक है तो भला हम प्रकति से अलग होकर कैसे लक्ष्य तक पहुंचेगे ?                                                      

   बन्दुओ ! इस बात पर गौर करे की जब बच्चा पालने मै वथित होकर रोयेगा और चलने मे असमर्थ होगा
तो माँ हर काम छोडकर उसके पास दोडी चली आएगी ! अगर माँ वर्दाव्स्था मै चलने मै असमर्थ है और उसको
किसी बात की परेशानी है तो हम माँ के पास क्यों नहीं जा सकते  ?
                                                 
 जिस देश मे माँ को भगवान से भी ज्यादा माना जाता हो उसी देश के नोजवानो द्वारा माता पिता का अपमान रोज़ सुनने को मिलता है माँ का स्थान भगवान से ऊँचा इसलिए भी है क्योकि भगवान को भी जन्म देने वाली भी माँ है ! बन्दुओ मेरे द्वारा लिखे गए इस लेख मे किसी तरह की कोई गलती होगई हो तो माफ़ी चाहूँगा !
माँ का सम्मान कीजिये माँ से बढ़कर दुनिया मे कुछ भी नहीं ! पूत कपूत सुने बहुतेरे पर माता सुनी ना कुमाता

                                                                                                                                                         श्रीरख